Tuesday, August 28, 2018

पाँच बड़ी ख़बरें: गौतम नवलखा की गिरफ़्तारी पर कोर्ट में जवाब नहीं दे पाई पुलिस

सनी लियोनी की ज़िंदगी पर बनी 'वेब-सीरीज़', करनजीत कौर, के ट्रेलर में एक पत्रकार उनसे पूछता है, "किसी प्रॉस्टीट्यूट और पॉर्न स्टार के बीच क्या फ़र्क होता है?"
जवाब में सनी लियोनी कहती हैं, "एक सिमिलैरिटी है - गट्स".
यही 'गट्स' यानी हिम्मत सनी लियोनी की चाल, चेहरे और बातों में दिखी जब वो मुंबई के एक होटल में इंटरव्यू के लिए मुझसे मिलीं.
उन्होंने बताया कि करनजीत कौर के लिए पत्रकार के साथ वो इंटरव्यू का सीन शूट करना बेहद मुश्किल था.
सनी लियोनी के बारे में क्यों है एक ख़ास राय
सनी ने कहा, "मुझे बहुत असहज लगा क्योंकि वो बहुत बुरे सवाल थे पर हमने उन्हें रखा क्योंकि ये सवाल लोगों के मन में होते हैं और मैं उनका जवाब देना
सनी लियोनी पिछले पांच सालों से भारत में सबसे ज़्यादा 'गूगल' किया गया नाम है. लोग उन्हें देखना चाहते हैं, उनके बारे में जानना चाहते हैं लेकिन काफ़ी हद तक उनके बारे में अपनी राय पहले ही बना चुके हैं.
चाहती थी."
सनी मानती हैं कि उनके बारे में एक तरह की राय बनने की वजह वो ख़ुद हैं.
"मैं अपनी सोच और अपनी ज़िंदगी को लेकर एकदम पारदर्शी हूँ, लेकिन लोग मुझे मेरे पिछले पेशे से जोड़कर ही देखते हैं, उसमें उनकी कोई ग़लती भी नहीं, पर समय के साथ मैं भी बदली हूँ और उम्मीद है लोग भी मेरे व्यक्तित्व में इस बदलाव को समझेंगे."
वो बॉलीवुड में 'आइटम नंबर' कहे जानेवाले गानों के बाद अब फ़िल्मों में पूरे किरदार निभा चुकी हैं. हाल में उनकी ख़ुद की परफ़्यूम, 'द लस्ट' भी लॉन्च हुई है.
मैंने पूछा कि ये नाम भी तो उनकी ख़ास छवि को ही आगे ले जाता है?
उन्होंने इनकार कर दिया और कहा कि इतनी कम उम्र में अपने नाम की परफ़्यूम होना किसी भी लड़की के लिए ख़्वाब जैसा है और जब वो सच हुआ तो उन्हें यही नाम पसंद आया.
सनी का कहना था, "बाक़ि परफ़्यूम ब्रैंड भी तो ऐसे नाम रखते हैं, जैसे सिडक्शन या फ़ायर एंड आइस." करनजीत कौर', सनी लिओनी का असली नाम है.
उनकी ज़िंदगी पर बनी वेब सीरीज़ को ये नाम दिए जाने का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने विरोध किया था और कहा था कि 'कौर' नाम सिख धर्म में बहुत महत्व रखता है जबकि सनी का काम पॉर्न से जुड़ा था.
सनी के सामने मैंने जब ये बात रखी तो उन्होंने कहा कि ये नाम उनके पासपोर्ट पर है. उनके मां-बाप ने उन्हें दिया था जो अब इसपर सफ़ाई देने के लिए दुनिया में नहीं है
वो बोलीं, "वैसे भी मेरा सच्चा नाम करनजीत कौर है, और सिर्फ़ मेरे काम का नाम सनी लियोनी है."
पॉर्न इंडस्ट्री में अपने काम को लेकर सनी लियोनी कभी शर्मिंदा नहीं हुई हैं. उस दिन भी उन्होंने कहा कि ये उनकी पसंद थी.
भारत में निजी तौर पर पॉर्न देखने पर कोई रोक नहीं है पर पॉर्न वीडियो, तस्वीरें इत्यादि बनाना या बांटना ग़ैर-क़ानूनी है.
दुनिया की सबसे बड़ी पॉर्न वेबसाइट 'पॉर्नहब' के मुताबिक अमरीका, ब्रिटेन और कनाडा के बाद भारत में सबसे ज़्यादा पॉर्न देखा जाता है.
तो क्या भारत में भी क़ानूनी तौर पर पॉर्न इंडस्ट्री होनी चाहिए?
इस सवाल का जवाब देने से सनी एक पल के लिए भी झिझकी नहीं, कहा, "ये मेरा फ़ैसला नहीं, भारत सरकार और यहां के लोगों का होगा".
पर क्या ऐसा उद्योग होने से यौन संबंधों के बारे में सहजता और ख़ुलापन होगा? अमरीका में उनका अनुभव क्या कहता है?
जवाब में सनी ने कहा कि उनकी निजी पसंद किसी और पर थोपी नहीं जानी चाहिए. समाज की सोच हर परिवार से बनती है और हर लड़की की उनकी मां-बाप की परवरिश से.
सनी के मां-बाप को उनका ये फ़ैसला बिल्कुल नागवार था. पर वो मानती हैं कि उन्हें एक बेहद आज़ाद ख़्याल लड़की की तरह बड़ा किया गया जिस वजह से वो अपने मां-बाप की इज़्ज़त भी करती हैं और अपनी पसंद के फ़ैसले भी ले पाई हैं.
अब सनी के अपने बच्चे हैं. उन्होंने एक बेटी को गोद लिया है और सरोगेसी से दो बेटे हैं.
क्या उन्हें वो ज़िंदगी के फ़ैसले लेने की आज़ादी दे पाएंगी?
सनी ने कहा, "बेशक़, मैं चाहूंगी वो ऊंचाइयां छुएं, मार्स तक जाएं लेकिन उनके फ़ैसले और रास्ते उनके अपने होंगे."

Monday, August 13, 2018

केरल में फंसे पर्यटकों को निकालने का काम जारी

दक्षिण भारतीय राज्य केरल भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बेहाल है. मुन्नार पर्यटन स्थल के एक रिज़ॉर्ट में करीब 57 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं. इनमें से ज़्यादातर पर्यटक अमरीका, सऊदी अरब और ओमान के रहने वाले हैं.
पर्यटन निदेशालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि रिज़ॉर्ट को जाने वाला रास्ता भूस्खलन के चलते बंद हो गया है. हालांकि रिज़ॉर्ट में मौजूद सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
केरल के पर्यटन विभाग के निदेशक पी बालाकिरन ने बताया, "रास्ते को खोला जा रहा है. जैसे ही हमें उनके बारे में जानकारी मिली, हमारे अधिकारी और सेना राहत और बचाव के काम में जुट गए. पर्यटक पूरी तरह से सुरक्षित हैं. वहां उनको किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है, रिज़ॉर्ट में उनके लिए पर्याप्त खाना मौजूद है."
केरल के पर्यटन मंत्री ने एक बयान जारी कर बताया कि रिज़ार्ट में फंसे कम से कम चार रूसी परिवार और दो अमरीकी दंपत्तिों को किसी दूसरे रास्ते से नीचे लाया गया है.
केरल में पिछले कुछ दिन से दक्षिण पश्चिम मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है. जिसकी वजह से राज्य में भारी बारिश हो रही है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
बाढ़ की चपेट में आने से राज्य में अबतक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. कई ज़िलों में भूस्खलन हुए हैं. कई जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं.
पिछले दो दिनों में 22 बांधों के बैराज खोल दिए गए हैं. इनमें से एक इडुक्की चेरुथोन बांध के बैराज तो 26 साल बाद खोले गए हैं. पेरियार नदी पर बनी ये बांध एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य की "स्थिति को बेहद गंभीर" क़रार दिया है. स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, सेना, नैसेना और वायुसेना के 350 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है.
अबतक प्रभावित इलाकों से कई लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है.
राहत अभियान के नोडल अफसर पी एच कुरियन ने बीबीसी को बताया, "मौसम विभाग ने और बारिश होने की चेतावनी जारी की है. इसे देखते हुए हमने निचले इलाकों से करीब 20,000 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया है. जलाशयों से अभी और पानी छोड़े जाने की ज़रुरत है. शाम तक कोच्चि और एर्नाकुलम ज़िलों से 8500 और लोगों को निकाल लिया जाएगा."
कुरियन कहते हैं, "जलाशयों से पानी छोड़े जाने की वजह से कोच्चि (केरल की आर्थिक राजधानी) और एर्नाकुलम जैसे शहरों में बाढ़ आने का ख़तरा है. अब, एर्नाकुलम और त्रिचूर जैसे केंद्रीय ज़िले प्रभावित हो रहे हैं."
राज्य प्रशासन ने इडुक्की, कोट्टायम, मलप्पुरम, पलक्कड़, कोझिकोड, कोल्लम, एर्नाकुलम समेत कई ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है.
पूरा प्रशासन राहत और बचाव अभियान में जुटा है, इसलिए अभी तक इमारतों को हुए नुकसान का जायज़ा नहीं लिया गया है.
इस बीच, विलिंगडन द्वीप की इमारतों की सुरक्षा के लिए नौसेना की दक्षिणी कमान मुख्यालय को अलर्ट पर रखा गया है.